**नदियाँ हमारी संस्कृति की जननी: मोहन नागर** *'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत आष्टा के गोविंदपुरा में भव्य कार्यक्रम आयोजित; अतिथियों व ग्रामीणों ने ली अविरल धारा बनाए रखने की शपथ

**नदियाँ हमारी संस्कृति की जननी: मोहन नागर** *'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत आष्टा के गोविंदपुरा में भव्य कार्यक्रम आयोजित; अतिथियों व ग्रामीणों ने ली अविरल धारा बनाए रखने की शपथ

**सीहोर/आष्टा।**
मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा चलाए जा रहे 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के अंतर्गत आज विश्व जैव विविधता दिवस पर विकासखंड आष्टा के ग्राम गोविंदपुरा स्थित पावन पार्वती नदी उद्गम स्थल पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 


कार्यक्रम में मुख्यअतिथि श्री मोहन नागर उपाध्यक्ष मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद (राज्यमंत्री दर्जा), श्री वरुण आचार्य संभाग समन्वयक, श्रीमती पारुल उपाध्याय जिला सीहोर, जनपद पंचायत आष्टा अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री सोनू गुणवान भाजपा युवा मोर्चा जिला सीहोर के महामंत्री श्री महेंद्र सिंह ठाकुर, विकासखंड समन्वयक श्री भगवत शरण लोधी उपस्थित रहे।

 


कार्यक्रम का आगाज़ मुख्य अतिथियों द्वारा जीवनदायिनी पार्वती नदी के उद्गम स्थल पर पूरी आस्था के साथ विधि-विधान से पूजन-अर्चन और महाआरती करके किया गया। इस पावन अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सैकड़ों ग्रामीणों ने नदियों के संरक्षण और उन्हें पुनर्जीवित करने का सामूहिक संकल्प लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर (राज्यमंत्री दर्जा) ने अपने उद्बोधन में पार्वती नदी के ऐतिहासिक, पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "नदियाँ केवल जल का स्रोत नहीं हैं, बल्कि ये हमारी संस्कृति और सभ्यता की जननी हैं। प्राचीन ग्रंथों में भी पार्वती नदी का गौरवशाली उल्लेख मिलता है। इस पावन स्थल से निकलने वाली जलधारा इस पूरे क्षेत्र की कृषि और हज़ारों परिवारों के जीवन का आधार है।"


श्री नागर ने स्थानीय निवासियों और युवाओं से विशेष आह्वान करते हुए कहा कि नदी के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र को हर हाल में अतिक्रमण मुक्त रखा जाए। उन्होंने पर्यावरण संतुलन के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने पर जोर दिया ताकि नदी के अस्तित्व को सुरक्षित रखा जा सके।
कार्यक्रम के दौरान संभाग समन्वयक श्री वरुण आचार्य ने 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के मूल उद्देश्यों और इसकी रूपरेखा से सबको अवगत कराया। वहीं जिला समन्वयक श्रीमती पारुल उपाध्याय ने स्वागत भाषण देते हुए सीहोर जिले में परिषद द्वारा चलाई जा रही विभिन्न पर्यावरण-हितैषी गतिविधियों की जानकारी साझा की।


कार्यक्रम में पक्षियों के लिए सकोरे लगाये गए। अतिथि गणों के साथ ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों और नवांकुर संस्थाओं के सदस्यों द्वारा श्रमदान के साथ ही उपस्थित जनसमुदाय ने जल संरक्षण सहेजने एवं संधारण की शपथ ली। सभी ने संकल्प लिया कि आगामी मानसून सत्र में नदी के किनारों और कछार क्षेत्रों में सघन पौधारोपण किया जाएगा, ताकि पार्वती नदी के प्रवाह को अविरल और प्रदूषण मुक्त बनाए रखा जा सके।
इस अवसर पर नवांकुर संस्था प्रतिनिधि, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के परामर्शदाता, प्रस्फुटन समितियों के प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री राकेश शर्मा एवं आभार प्रदर्शन श्री भगवत शरण लोधी द्वारा किया गया।

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