पूज्यश्री हिमालय गुरुदेव की पदयात्रा आष्टा पहुँची भूजल वृद्धि, हरियाली एवं विश्वकल्याण का संदेश
आष्टा। नित्यअन्नदाता, अखंडज्योति प्रदाता पूज्यश्री हिमालय गुरुदेव द्वारा संचालित विराट आध्यात्मिक पदयात्रा आज आष्टा क्षेत्र में पहुँची। गुरुदेव की यह दिव्य यात्रा 10 जुलाई 2025 गुरु पूर्णिमा के पावन दिन श्री शैल से गिरिनार तक 1700 किलोमीटर पूर्ण कर चुकी है। इसके पश्चात 5 नवंबर पूर्णिमा को गिरनार से काशी तक की 1600 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का शुभारंभ हुआ।
यात्रा के 29वें दिन गुरुदेव द्वारा 800 किलोमीटर की दूरी पूर्ण करने के बाद उनका आष्टा में भव्य स्वागत किया गया। गुरुदेव ने रात्रि विश्राम मुकाती वेयर हाउस के अतिथि गृह में किया, जहाँ सकल समाज की ओर से प्रमुख नागरिक मनीष डोंगरे, अनिल भाटी, श्रीमती ज्योति भाटी, सुनीता भाटी, समता डोंगरे एवं वैदिक डोंगरे ने साफा, शाल एवं श्रीफल भेंट कर गुरुदेव का सम्मानपूर्वक स्वागत किया।
गुरुदेव ने यहीं पर प्रसादी भोजन ग्रहण किया तथा सत्संग चर्चा के दौरान यात्रा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पदयात्रा भूजल वृद्धि, हरियाली विस्तार एवं विश्व कल्याण के संदेश को समर्पित है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से मानव समाज को प्रकृति संरक्षण और आध्यात्मिक उत्थान के प्रति जाग्रत करना ही मुख्य लक्ष्य है।
गुरुदेव ने आष्टा क्षेत्र के लिए विशेष आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह भूमि सदैव उन्नति, विकास और सौभाग्य से परिपूर्ण रहे। पदयात्रा के उपरांत पूज्य गुरुदेव हिमालय की कंदराओं में पुनः तपस्या हेतु प्रस्थान करेंगे।
आष्टा में गुरुदेव का आगमन श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देने वाला रहा।