सिविल अस्पताल आष्टा में महिला की बच्चेदानी का सफल ऑपरेशन, सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ा भरोसा
आष्टा। सिविल अस्पताल आष्टा में मानु बाई सेन, पति भैरू सेन, निवासी आर्या तहसील इछावर की बच्चेदानी (हिस्टरेक्टॉमी) का सफल ऑपरेशन कर चिकित्सक दल ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का उदाहरण प्रस्तुत किया है। ऑपरेशन मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित माथुर के मार्गदर्शन में वरिष्ठ शल्य चिकित्सक डॉ. भूपेंद्र परमार, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. जयदीप सिंह सिसोदिया एवं वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ. माधवी राय द्वारा किया गया।
जानकारी के अनुसार महिला लंबे समय से पेट दर्द एवं स्त्री रोग संबंधी समस्या से परेशान थी। आर्थिक कारणों से वह निजी स्तर पर उपचार कराने में असमर्थ थीं। इसके बाद उन्होंने सिविल अस्पताल आष्टा में संपर्क किया।
चिकित्सकीय जांच एवं परीक्षण के बाद विशेषज्ञ दल ने हिस्ट्रेक्टॉमी का निर्णय लिया और सफलतापूर्वक ऑपरेशन संपन्न किया। ऑपरेशन के बाद महिला की स्थिति सामान्य बताई गई।
इस उपचार में नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती अंजू रामटेके, ओटी टेक्नीशियन परम वर्मा सहित अस्पताल स्टाफ का सहयोग रहा। अस्पताल प्रबंधन एवं अन्य कर्मचारियों ने भी उपचार प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महिला ने चिकित्सकों एवं अस्पताल स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक स्थिति के कारण बड़े अस्पतालों में उपचार कराना उनके लिए कठिन था, लेकिन सरकारी अस्पताल में समय पर उपचार मिलने से उन्हें राहत मिली।
बीएमओ डॉ. अमित माथुर ने बताया कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों और चिकित्सकीय टीम के समन्वय से जटिल मामलों का भी उपचार करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
स्थानीय स्तर पर बढ़ती स्वास्थ्य सुविधाओं से उम्मीद
नगर में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ने से ऐसे मरीजों को राहत मिल सकती है जो आर्थिक कारणों से समय पर उपचार नहीं करा पाते। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि सरकारी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण एवं भरोसेमंद सेवाएं लगातार उपलब्ध हों, तो मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक आर्थिक दबाव और दूरस्थ निर्भरता कम करनी पड़ सकती है।