देवास भोपाल कॉरिडोर में दुर्घटना ऑन को रोकने के लिए इंदौर भोपाल हाईवे पर किया विशेष इंतजाम कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने का किया जा रहा है प्रयास

देवास भोपाल कॉरिडोर में दुर्घटना ऑन को रोकने के लिए इंदौर भोपाल हाईवे पर किया विशेष इंतजाम कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने का किया जा रहा है प्रयास

देवास–भोपाल मार्ग पर कोहरे के चलते अतिरिक्त रूट पेट्रोलिंग की तैनाती, BOT संचालन का दिखा असर
देवास–भोपाल हाईवे पर घने कोहरे के कारण सड़क हादसों की आशंका को देखते हुए मार्ग प्रबंधन द्वारा अतिरिक्त रूट पेट्रोलिंग टीमों एवं फॉग लाइट से लैस एटेनेयूएटर वाहनों की तैनाती की गई है। यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह मार्ग BOT मॉडल के तहत फंड आधारित कंपनी द्वारा संचालित है, जहां सुरक्षा को लेकर त्वरित एवं सक्रिय निर्णय संभव हो पाए हैं। मार्ग संचालक कंपनी ने कोहरे के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अतिरिक्त पेट्रोलिंग वाहन, 24×7 निगरानी व्यवस्था तथा त्वरित सहायता तंत्र को सक्रिय किया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद उपलब्ध कराई जा सके। विशेष रूप से दुर्घटना संभावित स्थलों पर एटेनेयूएटर वाहनों की तैनाती से टकराव की स्थिति में जान-माल की क्षति को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।सूत्रों के अनुसार, देवास–भोपाल कॉरिडोर पर कोहरे की गंभीरता को देखते हुए कई अग्रिम सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। इसके अंतर्गत टोल प्लाज़ाओं पर ऑडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें वाहन चालकों को कम दृश्यता में नियंत्रित गति और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही दृश्यता बढ़ाने और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए वाहनों पर पीले रिफ्लेक्टिव स्टिकर्स लगाए जारहे  हैं, तथा चालकों से लो बीम हेडलाइट का उपयोग करने, हाई बीम से परहेज़ करने, गति सीमित रखने और कोहरे में ओवरटेकिंग से बचने का लगातार अनुरोध किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि इस प्रकार के व्यापक और सुनियोजित सुरक्षा उपाय सामान्यतः राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधीन संचालित राष्ट्रीय राजमार्गों पर ही देखने को मिलते हैं, जबकि राज्य राजमार्गों पर ऐसी अग्रिम एवं व्यवस्थित व्यवस्थाएं प्रायः अनुपस्थित रहती हैं। ऐसे में देवास–भोपाल जैसे BOT आधारित मार्ग पर इन उपायों का लागू होना संचालन की तत्परता और उत्तरदायित्व को दर्शाता है। मार्ग प्रबंधन का स्पष्ट कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और कोहरे जैसे प्रतिकूल मौसम में अतिरिक्त रूट पेट्रोलिंग, सतत निगरानी एवं जागरूकता अभियानों के माध्यम से दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। देवास–भोपाल कॉरिडोर पर की गई यह पहल निजी सहभागिता के तहत संचालित सड़कों पर बेहतर प्रबंधन, त्वरित निर्णय क्षमता और सड़क सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का एक सशक्त उदाहरण मानी जा रही

संजय जोशी

आष्टा

9993169734

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