वर्दी की सेवा पूरी हुई, लेकिन लोगों के दिलों में बनी पहचान हमेशा रहेगी
वर्दी की सेवा पूरी हुई, लेकिन लोगों के दिलों में बनी पहचान हमेशा रहेगी
ट्रैफिक पुलिस के कमलेश राय के सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह में उमड़ा जनसैलाब, हर वर्ग ने दी आत्मीय विदाई
आष्टा। कुछ लोग अपने पद से पहचाने जाते हैं, लेकिन कुछ अपनी सेवा, व्यवहार और व्यक्तित्व से ऐसा मुकाम बना लेते हैं कि पद से विदा होने के बाद भी उनकी पहचान लोगों के दिलों में कायम रहती है। ट्रैफिक पुलिस के कमलेश राय भी ऐसे ही व्यक्तित्व के रूप में सामने आए हैं। लगभग पूरे सेवाकाल के दौरान आष्टा सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उन्होंने ईमानदारी, समर्पण, लगन और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की।
कमलेश राय के सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह में नगर के गणमान्य नागरिकों सहित विभिन्न वर्गों के लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि उन्होंने अपनी नौकरी के दौरान केवल ड्यूटी नहीं निभाई, बल्कि लोगों के बीच एक आत्मीय रिश्ता भी बनाया।
ट्रैफिक व्यवस्था संभालने से लेकर पुलिस विभाग की विभिन्न जिम्मेदारियों तक, कमलेश राय ने जहां भी सेवा दी, वहां अपने मृदुभाषी व्यवहार, सहज स्वभाव और जिम्मेदारी के प्रति गंभीरता से अलग पहचान बनाई। यही कारण रहा कि उनके परिचितों और शुभचिंतकों का दायरा किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रहा। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों, मंत्री-विधायकों, राजनेताओं, डॉक्टरों, इंजीनियरों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों, व्यापारियों और समाज के सामान्य नागरिकों तक, हर वर्ग में उनके प्रति आत्मीयता देखने को मिली।
पद सामान्य हो सकता है, लेकिन व्यक्तित्व असाधारण बनाया जा सकता है
कमलेश राय की सेवा यात्रा इस बात का उदाहरण है कि किसी व्यक्ति की पहचान केवल उसके पद से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और कर्मों से बनती है। उन्होंने अपने सहज और मिलनसार स्वभाव से यह साबित किया कि एक सामान्य पद पर रहते हुए भी व्यक्ति लोगों के बीच ऐसी जगह बना सकता है, जिसे समय और सेवानिवृत्ति भी समाप्त नहीं कर सकती।
धर्म के प्रति भी उनकी गहरी आस्था रही है। वे बाबा हनुमान के परम भक्त के रूप में भी अपनी अलग पहचान रखते हैं। सेवा के साथ धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ाव ने उनके व्यक्तित्व को और अधिक आत्मीय बनाया।
फूल-माला, शॉल और स्मृति चिन्ह से हुआ सम्मान
सम्मान समारोह में कमलेश राय को शुभकामनाएं देने के लिए बड़ी संख्या में नगरवासी पहुंचे। लोगों ने उन्हें फूल-माला, शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके बेहतर स्वास्थ्य, सुखद एवं सफल सामाजिक जीवन की कामना की।
समारोह में उमड़ी भीड़ और लोगों का आत्मीय स्नेह इस बात का प्रमाण रहा कि कमलेश राय ने अपने सेवाकाल में जो संबंध बनाए, वे महज औपचारिक नहीं थे, बल्कि दिल से जुड़े हुए थे।
सेवानिवृत्ति के अवसर पर मिले इस अपार स्नेह ने उनके विदाई समारोह को महज एक सरकारी सेवा से निवृत्ति का कार्यक्रम न रहने देकर एक ऐसे यादगार अवसर में बदल दिया, जिसे कमलेश राय और उनके शुभचिंतक लंबे समय तक याद रखेंगे।
वर्दी उतर गई है, जिम्मेदारी का वह दौर भी पूरा हो गया है, लेकिन ईमानदार सेवा, मृदुभाषी व्यवहार और लोगों के दिलों में बनाई गई पहचान निश्चित रूप से कमलेश राय के जीवन की ऐसी पूंजी है, जो उनके नए सामाजिक जीवन में भी उनके साथ रहेगी।